गेहूं वह आटे पर अकुंश लगाने के लिए सरकार कुछ और कदम उठाने की तैयारी कर रही है

गेहूं व
आटे की कीमतों पर अंकुश लगाने
के लिए सरकार कुछ और कदम
उठाने की तैयारी कर रही है। हाल
ही में सरकार ने केंद्रीय भंडारण से
लगभग 30 लाख टन गेहूं खुले
बाजार में बेचने की घोषणा की।
इससे गेहूं की कीमतें करीब 500
रुपए प्रति क्विंटल तक कम हो गई
और आटे की कीमतों में भी 3 से
4 रुपए किलो की गिरावट दर्ज हुई
है। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार
सरकार इस बड़ी कार्रवाई के बाद
अब 20 लाख टन गेहूं और खुले
बाजार में लाने की तैयारी कर रही
है। सरकारी गेहूं की कीमतें 2350
रुपए प्रति क्विंटल तय हुई थी,
लेकिन सत्र कहते हैं कि इसमें भी

100 से 150 रुपए की और कमी
की जा सकती है। इतना ही नहीं
यदि इसके बावजूद गेहूं की कीमतों
में प्रभावशाली कमी न आई तो
सरकार जमाखोरी पर कार्रवाई करते
हुए गेहूं पर स्टॉक लिमिट भी लगा
सकती है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि
पिछली 13 मई से लागू की गई गेहूं
निर्यात प्रतिबंध योजना को निरंतर किया जा सकता है। अर्थात अभी
निर्यात खोलने की कोई योजना नहीं
है। जानकारों का कहना है कि
सरकार के समक्ष सबसे बड़ी
चुनौति केंद्रीय भंडार पूल में बफर
स्टॉक से अधिक गेहूं भरना है।
पिछले साल पकी हुई फसल पर
अचानक बढ़े तापमान से उत्पादन
में बड़ी गिरावट हुई और शुरूआती दौर में
निर्यात खुला होने से प्राइवेट
एजेंसियों के माध्यम से बड़ी मात्रा
में गेहूं निर्यात हो गया और सरकारी खरीद एजेंसियां हाथ मलती रह गई अब बफर स्टॉक में लगभग 50 लाख टन गेहूं निकालने के बाद भंडार स्तर की स्थिति चिंताजनक बन सकती है इसलिए सरकारी खरीदें सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर प्रतिबंध है सब जारी रह सकता है हालांकि इस बार भी मौसम तेजी से गर्म होता जा रहा है और गेहूं की फसल पर खतरा बराबर बना हुआ है

व्यापार अपने विवेक अनुसार करें

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